नागरिकता प्रमाण के मुद्दे पर भड़कीं CM ममता बनर्जी, पूछा- “क्या आज नेताजी से भी सबूत मांगा जाता ?”

कोलकाता :- नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर रेड रोड स्थित राज्य सरकार के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विशेष रूप से ‘एसआईआर’ (SIR) प्रक्रिया और नागरिकता की पहचान को लेकर चल रही सुनवाई पर आक्रोश व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि “अगर नेताजी आज जीवित होते, तो क्या उन्हें भी अपनी नागरिकता का प्रमाण देना पड़ता ? क्या उन्हें भी सुनवाई के लिए बुलाया जाता और पूछा जाता कि वे भारतीय हैं या नहीं ?”
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेताजी के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस को सुनवाई के लिए तलब किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई और इसे आम जनता का उत्पीड़न करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने नेताजी की जयंती को अब तक ‘राष्ट्रीय अवकाश’ घोषित न किए जाने और उनके अंतर्धान के रहस्य से पर्दा न उठने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश के इतने महान नायक के प्रति इस तरह की उदासीनता और उनके परिजनों के साथ ऐसा व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।






