Asansol शिल्पांचल में कोजागरी लक्ष्मी पूजा की तैयारियां अंतिम दौर में, मूर्तियों से सजा बाजार
आसनसोल :- शिल्पांचल समेत पूरे आसनसोल में कोजागरी लक्ष्मी पूजा की अंतिम तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। शहर के छोटे-बड़े सभी बाजार मां लक्ष्मी की प्रतिमाओं से सज गए हैं और लोग मूर्तियों के साथ-साथ पूजा सामग्री की खरीदारी में जुटे हैं।

कोजागरी लक्ष्मी पूजा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। शरद पूर्णिमा की रात को कोजागरी पूर्णिमा कहा जाता है। मान्यता है कि इस रात धन की देवी मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और देखती हैं कि कौन जाग रहा है। संस्कृत के ‘को जागर्ति’ यानी ‘कौन जाग रहा है’ से ही इसका नाम कोजागरी पड़ा है। इस रात जागकर मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और वैभव का वास होता है।हालांकि, इस बार बाजार में उत्साह के साथ-साथ महंगाई की चिंता भी है। पूजा सामग्री से लेकर सब्जियों तक के दाम बढ़े हुए हैं, जिसका सीधा असर मूर्ति बाजार पर भी पड़ा है।
मूर्तियों की कीमतों को लेकर स्थानीय निवासी नवजीत दत्त ने कहा, इस बार ठाकुर की प्रतिमा का दाम थोड़ा ज्यादा है। पिछले साल के मुकाबले दाम बढ़ गया है। पाल से सुन रहे हैं कि मिट्टी की सप्लाई बहुत कम है। जो ठाकुर पहले 100, 200 रुपये में मिल जाता था, अब उसका दाम दोगुना हो गया है। बिक्री बहुत कम हो गई है, बाजार में वैसी भीड़ भी नहीं है। दुकानदारों का कहना है कि मिट्टी, रंग और कारीगरों की लागत बढ़ने से मूर्तियां महंगी हुई हैं। इसके बावजूद लोगों में मां लक्ष्मी के प्रति आस्था कम नहीं हुई है और देर शाम तक बाजारों में खरीदारी के लिए भीड़ देखी जा रही है।







