रानीगंज में माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम का भाजपा, तृणमूल और चुनाव आयोग पर तीखा हमला
रानीगंज :- माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने मंगलवार को रानीगंज में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दुर्गा पूजा में लगने वाले वामपंथी प्रगतिशील बुक स्टॉलों से लेकर वोट चोरी और एसआईआर के मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखी।

बुक स्टॉल विवाद पर वरिष्ठ माकपा नेता मोहम्मद सलीम ने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के प्रचार की वजह से इस साल उनकी बिक्री 20 प्रतिशत ज्यादा होगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमारे पास होर्डिंग और टीवी विज्ञापन के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन पिछले एक महीने से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खुद माकपा के बुक स्टॉलों का प्रचार किया है। इससे शारदीय पत्र-पत्रिकाओं की बिक्री 5 से 10 प्रतिशत बढ़ी है। भाजपा की साजिश के खिलाफ वामपंथी और प्रगतिशील समर्थक और अधिक एकजुट हो रहे हैं।
भाजपा द्वारा दुर्गापूजा के दौरान बुक स्टॉल न लगाने देने की धमकी पर उन्होंने कहा कि क्या अब भाजपा पूजा कमेटी भी चलाएंगी ? लाइब्रेरी में कौन सी किताब रहेगी, भाजपा सब पर कब्जा करना चाहती हैं, यह फासिस्ट मानसिकता है। जनता तय करेगी कि मुख्यमंत्री कौन रहेगा, मुख्यमंत्री यह तय नहीं करेंगे कि जनता कौन सी किताब पढ़ेगी। भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग पढ़ते-लिखते हैं और कुछ सिर्फ व्हाट्सएप देखकर झूठ पर राजनीति करते हैं, वही लाइब्रेरी जलाते हैं और किताबों की बिक्री बंद करवाते हैं।
चुनाव आयोग और एसआईआर पर मोहम्मद सलीम ने कहा कि पूरे देश में वोट चोरी और एसआईआर को लेकर आंदोलन तेज हो रहा है। नई पीढ़ी समझ गई है कि मोदी है तो गारंटी खतरे में है। अब मुकाबला चल रहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मोदी को बचाएंगे या मोदी ज्ञानेश कुमार को बचाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान में एसआईआर नाम की कोई चीज नहीं है, जैसा अब सुप्रीम कोर्ट भी कह रहा है। फॉर्म-6 और फॉर्म-7 में हुई जालसाजी केंद्रीय रूप से आरएसएस के लोगों और प्राइवेट कंपनी के जरिए करवाई गई है, जिसका चुनाव आयोग के दो अन्य सदस्यों को भी पता नहीं है।







