8 साल बाद पुराने रूट पर लौटेगा रानीगंज का ऐतिहासिक महावीर अखाड़ा, थाने में हुई अहम बैठक
रानीगंज :- रानीगंज का ऐतिहासिक महावीर अखाड़ा 8 साल बाद फिर से अपने पुराने रूट पर निकलने जा रहा है। इसे लेकर रानीगंज थाने में अखाड़ा कमेटियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें अखाड़े की तैयारियों और परंपरा को बनाए रखने पर चर्चा हुई। लंबे समय बाद पुराने रूट पर अखाड़ा शुरू होने की खबर से सभी महावीर अखाड़ा कमेटी सदस्यों में भारी उत्साह है।

जानकारी के अनुसार, रानीगंज का महावीर अखाड़ा केवल एक धार्मिक शोभायात्रा नहीं है, बल्कि इसका अपना अलग इतिहास हैं और यह क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और लोगों की भावनाओं से जुड़ा है। गौरतलब है कि वर्ष 2018 में रानीगंज में श्री रामनवमी शोभा यात्रा के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद से ही दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा के बाद निकलने वाले ऐतिहासिक महावीर अखाड़े पर भी ग्रहण लग गया था। तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार में पुलिस प्रशासन ने महावीर अखाड़े के रूट को बदल दिया था। कुछ वर्षों से तक महावीर अखाड़ा बदले हुए रूट पर निकला। लेकिन इसके बाद महावीर अखाड़ा बंद रहने के कारण लोगों में इसे लेकर निराशा थी। अब इसके फिर से पुराने रूट पर शुरू होने से नई उम्मीद जगी है।
थाने में हुई बैठक में रानीगंज थाने के प्रभारी पार्थ घोष और विभिन्न अखाड़ा कमेटियों के सदस्य मौजूद रहे। बैठक में अखाड़े के आयोजन, पुराने रूट को बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सूत्रों ने बताया कि इस मुद्दे पर जल्द ही एक और बैठक होगी।
बैठक के बाद अखाड़ा कमेटी के सदस्यों ने रानीगंज के विधायक पार्थ घोष की भूमिका की सराहना की। महावीर अखाड़ा कमेटियों के सदस्यों का कहना है कि विधायक ने उन्हें आश्वासन दिया था कि महावीर अखाड़ा अपने पारंपरिक पुराने रूट पर ही निकलेगा। इस वादे को पूरा करने की दिशा में पहल करने के लिए सदस्यों ने विधायक का आभार जताया। उन्होंने कहा कि 8 साल बाद ऐतिहासिक अखाड़े का फिर से शुरू होना रानीगंज वासियों के लिए गर्व और खुशी की बात है। पुराने रूट पर अखाड़ा निकलने से परंपरा अक्षुण्ण रहेगी और नई पीढ़ी भी इस विरासत से जुड़ सकेगी। प्रशासन और कमेटियों के समन्वय से आयोजन को सफल बनाने की तैयारी चल रही है।







