रानीगंज में 8 साल बाद पुराने रूट पर निकलने वाले महावीर अखाड़े को लेकर पुलिस अलर्ट, 900 सुरक्षा कर्मी तैनात
रानीगंज :- प्राचीन शहर रानीगंज की ऐतिहासिक महावीर अखाड़े की शोभायात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इस बार किसी भी तरह का कोई अस्त शास्त्र निकालने पर पूरी तरह प्रतिबंद लगाया गया है। रानीगंज शहर की विभिन्न अखाड़ा कमेटियों को लेकर पुलिस की हुई बैठक में यही निर्णय लिया गया था। सोमवार यानी 26 अक्टूबर की शाम निकलने वाली शोभायात्रा से पहले आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे रूट को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। शहर में 20 ड्रॉप गेट बनाए गए हैं और चप्पे-चप्पे पर करीब 900 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती रहेगी। सुरक्षा की कमान 4 डिप्टी कमिश्नर, 10 असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर और 22 इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों के हाथों में होगी। इस बार रानीगंज में 10 अलग-अलग महावीर अखाड़े निकाले जा रहे हैं।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए इस बार अखाड़े में अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। शनिवार को पुलिस ने प्रस्तावित रूट पर रूट मार्च भी किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने रानीगंज के विभिन्न इलाकों का दौरा कर शोभायात्रा के मार्ग का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान डीसी ध्रुव दास, एसीपी विमान कुमार मिर्धा, रानीगंज थाना प्रभारी पार्थ घोष और केंद्रीय बल के जवान मौजूद रहे। अधिकारियों ने भीड़ नियंत्रण, मार्ग की स्थिति और कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं का जायजा लिया।
इस बार का अखाड़ा रानीगंज के लिए खास माना जा रहा है। करीब 8 साल के अंतराल के बाद महावीर अखाड़ा अपने पुराने रूट पर निकलने जा रहा है। 2018 में रानीगंज में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद से पुराने रूट पर अखाड़े की अनुमति नहीं मिल रही थी। राज्य में सत्ता परिवर्तन और रानीगंज विधायक पार्थ घोष की पहल के बाद एक बार फिर पुराने रूट पर अखाड़ा निकालने की अनुमति मिली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शोभायात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना प्राथमिकता है और इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।







