जेके नगर में छाई खुशी की लहर, बंद कारखाना खुलने की खबर से झूम उठे रानीगंज के लोग
रानीगंज, जेके नगर – बरसों की मायूसी के बाद आखिरकार जेके नगर के लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। भारत एल्युमीनियम कारखाना फिर से खुलने की खबर मिलते ही पूरा जेके नगर उत्सव में डूब गया। लोग एक-दूसरे को अबीर लगाकर, मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे हैं।

गुरुवार को कारखाना परिसर के बाहर का नजारा किसी त्योहार से कम नहीं था। बुजुर्गों की आंखों में उम्मीद के आंसू थे, तो युवाओं के चेहरे पर रोजगार की नई उम्मीद। महिलाओं ने भी एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की।
जेके नगर वासियों की खुशी ही सबसे बड़ी खबर
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कारखाना बंद होने के बाद से उनका जीवन ठहर सा गया था। अब कारखाना खुलने से न सिर्फ 10,000 लोगों को रोजगार मिलेगा, बल्कि पूरा इलाका फिर से गुलजार हो उठेगा। दुकानें चलेंगी, बाजार में रौनक लौटेगी और बच्चों का भविष्य संवर जाएगा। एक स्थानीय निवासी ने भावुक होकर कहा, “हमने बहुत लंबा इंतजार किया है। आज ऐसा लग रहा है जैसे जेके नगर को नई जिंदगी मिल गई हो।”
कैसे मिली यह खुशखबरी?
28 अक्टूबर को वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात कर जेके नगर स्थित भारत एल्युमीनियम कारखाना को फिर से खोलने का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव स्वीकार करते हुए हर तरह की सहायता का आश्वासन दिया। इस कारखाने के खुलने से 80 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा और 10,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।

नेताओं ने भी बांटी खुशी
इस मौके पर भाजपा नेता नीरेन चंद्र दास ने कहा कि पांच महीने में सरकार ने जो पहल की है, उससे हम आशावादी हैं। मुख्यमंत्री ने वादा किया है कि पांच साल में पश्चिम बंगाल को सोनार बांग्ला बना देंगे। आज एक तरफ कोलकाता में नई औद्योगिक नीति को लेकर बैठक हुई, जिसमें जमीन, बिजली और निवेश में विशेष छूट का प्रावधान है, तो दूसरी तरफ जेके नगर में खुशी का माहौल था। उद्योग जगत इसे नई औद्योगिक नीति की पहली बड़ी सफलता मान रहा है। लेकिन जेके नगर के लोगों के लिए यह सिर्फ नीति नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी की नई सुबह है। बंद कारखाने के गेट के सामने खड़े होकर आज पूरा औद्योगिक क्षेत्र नए भोर का सपना देख रहा है।







